रचना के आधार पर वाक्य रूपांतरण -२
नमस्कार !
पिछली कक्षा में हमने वाक्य की परिभाषा तथा उसके अंग को जाना। आज हम रचना के आधार पर वाक्य के दूसरे और तीसरे भेद से परिचित होंगे।
नीचे दिए गए कार्य को व्याकरण कॉपी में करिये :
संयुक्त वाक्य
यदि वाक्य में दो या दो से अधिक खंड-वाक्य (phrases) स्वतंत्र रूप से योजक (समुच्चयबोधक) दवारा जुड़े हुए हों तो उस वाक्य को संयुक्त वाक्य कहा जाता है। ऐसे वाक्य एक-दुसरे पर आश्रित (dependent) नहीं होते।
यह वाक्य विभिन्न योजक (और, एवं , लेकिन , किन्तु, परन्तु , इसलिए , या , अथवा , अतः , अन्यथा , आदि ) शब्दों की सहायता से जुड़े रहते हैं।
जैसे सूरज निकल आया और तुम अभी तक नहीं उठे।
दिन भर बारिश होती रही इसलिए वह नहीं आया।
ऊपर के दोनों वाक्यों में रेखांकित योजक वाक्य को जोड़ने के लिए हैं।
संयुक्त वाक्य के सम्बन्ध में निम्नलिखित बातें ध्यान देने योग्य हैं :-
- इसमें कम-से-कम दो प्रधान उपवाक्य होते हैं।
- इसमें आये प्रधान उपवाक्यों का स्वतंत्र प्रयोग हो सकता है।
- ये आश्रित न होकर एक दुसरे के पूरक होते हैं, पर होते हैं परस्पर संबंधित ।
- योजक शब्द समानाधिकरण समुच्यबोधक अव्यय होते हैं।
- 'संयुक्त वाक्य ' में कभी-कभी अव्यय शब्दों का लोप भी कर दिया जाता है।
- उदाहरण : क्या सोचा था, क्या हो गया (अव्यय का लोप )
- कक्षा कार्य 😊
- अभ्यास -१
- निम्नलिखित वाक्यों को संयुक्त वाक्य में बदलिए :
- क )राम बाजार गया। राम फल लाया।
- उत्तर राम बाजार गया और राम फल लाया।
- ख )बादल घिर आये। वर्षा होने लगे।
- ग }कबीर भक्तिकाल के कवि थे। कबीर ने सखियों की रचना की।
- घ )हम घर में बैठे हैं। हम पढ़ाई कर रहें हैं।
- ड़ )सूर्योदय हुआ। चिड़िया चहचहाने लगीं।
- गृह कार्य 😊
- अभ्यास -२
- निम्नलिखित वाक्यों को सयुंक्त को सरल वाक्य में बदलिए :
- क ) राम बाजार गया और राम बाज़ार से फल लाया।
- उत्तर राम बाज़ार जाकर फल लाया।
- ख )बादल घिर आये और वर्षा होने लगी।
- ग )कबीर भक्तिकाल के कवि थे और उन्होंने सखियों की रचना की।
- घ )हम घर में बैठे हैं और हम पढ़ाई कर रहे हैं।
- ड़ )सूर्योदय हुआ और चिड़ियाँ चहचाहने लगीं।
- 😍आपका दिन मंगलमय हो
- यह समय है स्वअनुशासन का है अतः समय को व्यर्थ ने बिताए ,उसे सोच समझ कर धन की तरह खर्च करें
- व्यस्त रहें ,स्वस्थ रहें ,मस्त रहें

